देहरादून। उत्तराखंड के हिमाच्छादित क्षेत्रों में जनगणना का कार्य पूरा कर लिया गया है। अब 1 से 5 अक्टूबर तक पांच दिवसीय पुनरीक्षण (रिवीजन) चरण चलाया जाएगा। इस दौरान पहले चरण में जुटाए गए आंकड़ों की जांच की जाएगी और जरूरत के अनुसार संशोधन एवं सुधार किए जाएंगे।
हर दिशा से जुड़ रहा "उत्तराखण्ड"
जनगणना निदेशक इवा आशीष श्रीवास्तव के अनुसार, यह अभियान चमोली, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग और पिथौरागढ़ जिलों के 131 हिमाच्छादित गांवों तथा बदरीनाथ, केदारनाथ और गंगोत्री के तीन शहरी स्थानीय निकायों में संचालित किया गया।
इस कार्य के लिए 139 प्रगणक और 43 पर्यवेक्षक समेत कुल 182 प्रशिक्षित कर्मचारियों की तैनाती की गई थी। कर्मचारियों ने घर-घर जाकर जनगणना से संबंधित आंकड़े एकत्र किए। विभाग के अनुसार, सभी निर्धारित प्रगणना क्षेत्रों में 100 प्रतिशत कवरेज पूरा किया गया। विशेष चार्ज के 31 ब्लॉकों में भी जनगणना कार्य सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
स्वरोजगार एवं उद्यमिता योजनाएँ
स्व-गणना में भी लोगों ने लिया हिस्सा
जनगणना अभियान के दौरान नागरिकों ने स्व-गणना प्रक्रिया में भी उत्साहपूर्वक भागीदारी की। इसके अलावा घर-घर पहुंचे अधिकृत प्रगणकों और पर्यवेक्षकों को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने में भी लोगों का सहयोग मिला।

