देहरादून: उत्तराखंड में चुनाव आयोग की विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया सोमवार रात 12 बजे समाप्त हो गई। इसके साथ ही मतदाता सूची का पूरा डाटा फ्रीज कर दिया गया है। अब 3 अक्तूबर को अंतिम मतदाता सूची जारी की जाएगी।
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एसआईआर की प्रक्रिया 8 जून से शुरू हुई थी। इसके तहत मतदाताओं को गणना प्रपत्र वितरित किए गए, जिन्हें 7 जुलाई तक जमा कराया गया। इसके बाद 14 जुलाई को ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशित की गई। सूची पर दावे और आपत्तियां दर्ज कराने के लिए 14 जुलाई से 13 अगस्त तक समय दिया गया। इनका निस्तारण 28 सितंबर तक किया गया।
पहले अंतिम मतदाता सूची 15 सितंबर को जारी होनी थी, लेकिन उत्तर प्रदेश से जुड़े पांच जिलों के मतदाताओं के सत्यापन के कारण तारीख आगे बढ़ा दी गई। सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी मस्तू दास के अनुसार, अब पूरा डाटा फ्रीज हो चुका है और इसमें कोई बदलाव नहीं किया जा सकता।
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अंतिम सूची जारी होने के बाद यह स्पष्ट होगा कि एसआईआर के दौरान कितने मतदाताओं के नाम हटे और कितने नए नाम जोड़े गए। जिन पात्र मतदाताओं के नाम सूची में शामिल नहीं हो पाए हैं, वे फॉर्म-6 भरकर दोबारा मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के लिए आवेदन कर सकेंगे।
करीब आठ लाख नाम हटाए गए
मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के अनुसार, प्री-एसआईआर अभियान के दौरान करीब पांच लाख ऐसे नाम हटाए गए, जिन मतदाताओं की मृत्यु हो चुकी थी या जो अपना पता बदलकर अन्य स्थान पर चले गए थे। इसके बाद एसआईआर के दौरान ड्राफ्ट सूची जारी होने पर करीब आठ लाख और नाम सूची से हटाए गए।
राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक
एसआईआर प्रक्रिया पूरी होने के बाद सोमवार को राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे ने की। उन्होंने बताया कि दावे और आपत्तियों के निस्तारण की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।

