देहरादून: जौलीग्रांट स्थित देहरादून एयरपोर्ट को और अधिक आधुनिक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया जा रहा है। एयरपोर्ट पर विमानों के सुरक्षित और सुचारु संचालन के लिए नई अत्याधुनिक एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) बिल्डिंग का निर्माण किया जाएगा।
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नई एटीसी बिल्डिंग में आधुनिक ऑटोमेशन और सर्विलांस उपकरण लगाए जाएंगे, जिससे एयर ट्रैफिक कंट्रोल की क्षमता बढ़ेगी। इसके बाद अधिकारी एक साथ अधिक विमानों की निगरानी और संचालन कर सकेंगे, जिससे उड़ानों में देरी कम होगी और हवाई यातायात अधिक व्यवस्थित होगा।
वर्तमान में देहरादून एयरपोर्ट पर प्रतिदिन लगभग 22 से 24 उड़ानों का संचालन होता है, जबकि निजी विमान और हेलिकॉप्टरों की आवाजाही अलग है। नई सुविधाओं के बाद एयरपोर्ट की क्षमता में और वृद्धि होगी तथा भविष्य में बढ़ते हवाई यातायात को संभालना आसान होगा।
स्वरोजगार एवं उद्यमिता योजनाएँ
एयरपोर्ट का इतिहास भी विकास की कहानी बताता है। 1970 के दशक की छोटी हवाई पट्टी को विकसित कर 2006-07 में आधुनिक एयरपोर्ट का स्वरूप दिया गया। बाद में यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए लगभग 400 करोड़ रुपये की लागत से नया टर्मिनल बनाया गया, जो 2024 से संचालित हो रहा है। इस टर्मिनल की पीक ऑवर क्षमता 3,240 यात्रियों की है, जबकि पुराने टर्मिनल में केवल लगभग 150 यात्रियों को संभालने की क्षमता थी।
एयरपोर्ट निदेशक भूपेश सीएच नेगी के अनुसार, नई एटीसी बिल्डिंग बनने और अत्याधुनिक उपकरण स्थापित होने के बाद मौजूदा एयरस्पेस में ही अधिक उड़ानों का संचालन संभव होगा, जिससे यात्रियों को बेहतर और अधिक सुरक्षित हवाई सेवाएं मिल सकेंगी।

